प्रवृत्ति पर व्यापार

विदेशी मुद्रा व्यापारी असम

विदेशी मुद्रा व्यापारी असम

धीरे धीरे क्यों खराब हो रही है देश की माली हालत, नीतियों ने डुबो दिया

देश के विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves/Forex Reserves) में फिर गिरावट आई है. 15 जुलाई, 2022 को खत्म हुए सप्ताह में यह 7.541 अरब डॉलर घटकर 572.712 अरब डॉलर रह गया. भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई (RBI) की ओर से शुक्रवार को जारी विदेशी मुद्रा व्यापारी असम आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है.
मुख्य रूप से फॉरेन करेंसी एसेट यानी एफसीए (Foreign Currency Assets) में आई कमी की वजह से हुई जो कुल मुद्रा भंडार का विदेशी मुद्रा व्यापारी असम एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.

एफसीए (FCA) 6.527 अरब डॉलर घटकर 511.562 अरब डॉलर रह गई. डॉलर में बताई जाने वाली एफसीए में विदेशी मुद्रा भंडार में रखी यूरो, पाउंड और येन जैसी दूसरी विदेशी मुद्राओं के मूल्य में वृद्धि या कमी का प्रभाव भी शामिल होता है.
इसके अलावा गोल्ड रिजर्व का मूल्य 83 करोड़ डॉलर घटकर 38.356 अरब डॉलर रह गया.
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड यानी एमआईएफ (IMF) में देश का एसडीआर यानी स्पेशल ड्राइंग राइट (Special Drawing Rights) 15.5 करोड़ डॉलर घटकर 17.857 अरब डॉलर रह गया. आईएमएफ में रखे देश का मुद्रा भंडार भी 2.9 करोड़ डॉलर घटकर 4.937 अरब डॉलर रह गया
अब आपको बाताते हैं कि सरकार की नीतियां कैसे विदेशी मुद्रा बंडार को प्रभावित करतीहै.
चीन के साथ व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है.हमारे देश की एमएसएमई को भुगतान तक नहीं मिलता. खुद सरकार सेपेनेन्ट मिलने मेंमहीनों लगते हैं.
A critical problem faced by the Micro, Small and Medium Enterprises (MSME) sector is delayed payments. It’s the smallest establishments — the micro and small units — which have been hit the hardest post-Covid with their pending dues touching Rs 8.73 lakh crore, almost 80 per cent of the total pending for the entire MSME sector until 2021.
विदेशों से कोयला मंगाने की जिंद 10 परसेंट कोयला जबकि अब कोयले की किलल्त नहीं है
अकेले इस साल आठ प्रतिशत की गिरावट आ गई है
2014 में साठ रुपये का डालर था. यानी 33 फीसदी बढ़ गया
नरसिंह विदेशी मुद्रा व्यापारी असम राव के समय में रुपये की कीमत दस साल में 47 से 48 रुपये पहुंच गई

***About Knocking News (नॉकिंग न्यूज़)***
शिक्षा , इतिहास , अर्थशास्त्र, राजनीति और अन्य समसामयिक विषयों पर पत्रकार गिरिजेश वशिष्ठ के विश्लेषण इस चनल पर लगातार मिलता है. आजाद, खुली और स्वस्थ पत्रकारिता को अपने अनुभव से लेकर आते हैं.
ये चैनल पत्रकार गिरिजेश वशिष्ठ के विश्लेषणों का चैनल है. गिरिजेश वशिष्ठ वरिष्ठ पत्रकार हैं. वो इन्डिया टुडे ग्रुप, दिल्ली आजतक, ज़ी, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, सहारा समय समेत अनेक महत्वपूर्ण समाचार संस्थानों में संपादक के स्तर पर जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं और पिछले 34 साल से लगातार सक्रिय हैं.
This is a analysis channel of Girijesh Vashistha. Girijesh Vashistha is a senior journalist; he has worked with India Today group, Zee Network, Dainik Bhaskar, Dainik Jagran and sahara samay like Prominent News organizations for 34 years at Editor Level

कब हुई चाय पीने की शुरुआत, भारत में कौन लाया चाय

लाइफस्टाइल डेस्क.विदेशी मुद्रा व्यापारी असम राजनीति में नमो चाय और रागा दूध के बीच प्रतिस्पर्धा चल रही है। लोकसभा चुनाव के लिए दोनों ही पार्टियां अपने-अपने प्रचार से लोगों को आकर्षित कर रही हैं। नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी, चाय और दूध के माध्यम से भारतीय राजनीति को नई दिशा और आयाम देना चाहते हैं। जो भी हो, खाने में राजनीति लोगों को हजम नहीं होती! ख़ासकर हमारे खाना-खज़ाना के पाठकों को इसलिए हम उन्हें सिर्फ उनकी मतलब की ही चीज़ बताएंगे।

दैनिक भास्कर डॉट कॉम इस सेक्शन के माध्यम से अपने पाठकों को दुनिया के दूसरे सबसे फेमस पेय पदार्थ यानी चाय की विभिन्न किस्मों और रोचक तथ्यों के बारे में बता रहा है। इसके साथ ही, चाय के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में बताया जा रहा है।

इससे पहले जानते हैं चाय के बारे में कुछ रोचक तथ्य.

-चाय 300 ई. से दैनिक पेय बनी हुई है।

-1610 में डच व्यापारी चाय को चीन से यूरोप ले गए और धीरे-धीरे ये पूरी दुनिया की प्रिय पेय पदार्थ बन गई।

-विश्व में चाय उत्पादन में भारत का पहला स्थान है।

- भारत में चाय पहली बार सन् 1834 में विदेशी मुद्रा व्यापारी असम अंग्रेज लेकर आए।

- हालांकि, जंगली अवस्था में यह असम में पहले से ही पैदा होती थी।

- सन् 1815 में अंग्रेज यात्रियों का ध्यान असम में उगने वाली चाय की झाड़ियों पर गया।

- असम के स्थानीय कबाइली लोग इसका पेय बनाकर पहले से ही पीते थे।

- भारत विदेशी मुद्रा व्यापारी असम के तत्कालिक गर्वनर जनरल लॉर्ड बैंटिक ने भारत में चाय की परंपरा शुरू करने और उसके उत्पादन की संभावना तलाश करने के लिए एक समिति का गठन किया।

-1835 में असम में चाय के बाग लगाए गए।

-पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग क्षेत्र में पैदा होने वाली चाय सबसे विदेशी मुद्रा व्यापारी असम ज़्यादा स्वादिष्ट होती है।

-असम की चाय तेज सुगंध और रंग के लिए प्रसिद्ध है।

-2007-2008 में चाय के निर्यात से भारत को 2034 करोड़ की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई थी।

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देश का विदेशी मुद्रा भंडार 2.76 अरब डॉलर बढ़कर 632.95 अरब डॉलर पर

नई दिल्ली। आर्थिक र्मोचे पर अच्छी खबर है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार (country’s foreign exchange reserves) 18 फरवरी को समाप्त हफ्ते में 2.762 अरब डॉलर बढ़कर (increased by $ 2.762 billion) 632.95 अरब डॉलर ($632.95 billion) पर पहुंच गया है। हालांकि, इससे पूर्व के हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार 1.763 अरब डॉलर घटकर 630.19 अरब डॉलर रह गया था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी।

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आरबीआई के जारी साप्ताहिक आंकड़ों के मुताबिक विदेशी मुद्रा भंडार में ये बढ़ोतरी मुख्य रूप से आरक्षित स्वर्ण भंडार के मूल्य तथा विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) वृद्धि की वजह से हुई है। एफसीए समग्र भंडार और स्वर्ण भंडार का एक प्रमुख घटक है। इसके अलावा आलोच्य हफ्ते में सोने का भंडार भी 1.274 अरब डॉलर बढ़कर 41.509 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।

आंकड़ों के मुताबिक 18 फरवरी, 2022 को समाप्त हफ्ते में एफसीए 1.496 अरब डॉलर बढ़कर 567.06 अरब डॉलर हो गया। विदेशी मुद्रा व्यापारी असम विदेशी मुद्रा व्यापारी असम वहीं, समीक्षाधीन हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जमा विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 1.1 करोड़ डॉलर घटकर 19.162 अरब डॉलर रह गया। हालांकि, आईएमएफ में रखे देश का मुद्रा भंडार 40 लाख डॉलर बढ़कर 5.221 अरब डॉलर हो गया। (एजेंसी, हि.स.)

UPSC परीक्षा कम्प्रेहैन्सिव न्यूज़ एनालिसिस - 14 October, 2022 UPSC CNA in Hindi

निम्नलिखित में से किस राष्ट्रीय उद्यान का उल्लेख यहाँ किया जा रहा है?

(a) बलफकरम राष्ट्रीय उद्यान

(b) देहिंग पटकाई राष्ट्रीय उद्यान

(c) मौलिंग राष्ट्रीय उद्यान

(d) नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान

उत्तर: d

व्याख्या:

  • नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान वर्ष 1983 में अरुणाचल प्रदेश में स्थापित एक विशाल संरक्षित क्षेत्र है।
  • 1,000 से अधिक फूलों और लगभग 1,400 जीव प्रजातियों के साथ, यह पूर्वी हिमालय में एक जैव विविधता हॉटस्पॉट है।
  • यह पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश राज्य में चांगलांग जिले के भीतर भारत और म्यांमार के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित है।
  • यह दुनिया का एकमात्र उद्यान है जहां बड़ी बिल्ली की चार प्रजातियां हैं बाघ (पैंथेरा टाइग्रिस), तेंदुआ (पैंथेरा विदेशी मुद्रा व्यापारी असम पार्डस), हिम तेंदुआ (पैंथेरा उनसिया) और धूमिल तेंदुआ (नियोफेलिस नेबुलोसा) पाई जाती हैं।
  • हालाँकि, राष्ट्रीय उद्यान में हिम तेंदुओं को अभी तक न तो देखा गया है और न ही दर्ज किया गया है और हाल के सर्वेक्षण के आधार पर वन्यजीव अधिकारियों को हिम तेंदुए की मौजूदगी की पुष्टि का इंतजार है।
  • भारत में पाई जाने वाली एकमात्र ‘वानर’ प्रजाति, हूलॉक गिबन्स, इस राष्ट्रीय उद्यान में पाई जाती है।

प्रश्न 5. भारत के संदर्भ में, ‘अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA)’ के ‘अतिरिक्त नयाचार (एडिशनल प्रोटोकॉल)’ का अनुसमर्थन करने का निहितार्थ क्या है? (CSE-PYQ-2018)(स्तर – कठिन)

(a) असैनिक परमाणु रिएक्टर IAEA के रक्षोपायों के अधीन आ जाते हैं।

(b) सैनिक परमाणु अधिष्ठान IAEA के निरीक्षण के अधीन आ जाते हैं।

(c) देश के पास नाभिकीय पूर्तिकर्ता समूह (NSG) से यूरेनियम के क्रय का विशेषाधिकार हो जाएगा।

(d) देश स्वतः NSG का सदस्य बन जाता है।

उत्तर: a

व्याख्या:

  • पुराने आईएईए (International Atomic Energy Agency (IAEA)) सुरक्षा उपायों के तहत सभी एनपीटी हस्ताक्षरकर्ता अपने परमाणु स्थलों को निर्दिष्ट करेंगे और आईएईए निर्दिष्ट स्थलों का निरीक्षण करेगा।
  • इस प्रकार, आईएईए, पुराने सुरक्षा उपायों के तहत, केवल किसी देश द्वारा घोषित या निर्दिष्ट स्थलों पर ही अनधिकृत गतिविधियों के लिए निरीक्षण कर सकता था।
  • इस प्रकार इसने मूल रूप से राष्ट्रों के लिए गुप्त परमाणु कार्यक्रम चलाने का एक विकल्प खुला छोड़ दिया – जैसा कि इराक के मामले में हुआ था।
  • इस प्रकार, वर्ष 1993 में, IAEA ने मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने के लिए अतिरिक्त प्रोटोकॉल (AP) तैयार किए।
  • हालांकि, भारत विशिष्ट अतिरिक्त प्रोटोकॉल आईएईए को उन गतिविधियों में विदेशी मुद्रा व्यापारी असम बाधा डालने या हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं देते हैं जो भारत के सुरक्षा समझौतों के दायरे से बाहर हैं, इस प्रकार भारत IAEA समझौते के बाहर एक सैन्य परमाणु कार्यक्रम के संचालन का अधिकार सुरक्षित रखता है।

UPSC मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न :

प्रश्न 1. “पेलेट संयंत्र और टॉरफेक्शन दिल्ली के प्रदूषण का जवाब हो सकता है”। व्याख्या कीजिए। (150 शब्द, 10 अंक) (जीएस-3; पर्यावरण)

प्रश्न 2.”मनरेगा योजना महामारी के दौरान और बाद विफलता और एक सफलता दोनों थी”। समालोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। (250 शब्द, 15 अंक) (जीएस-2; शासन)

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