ट्रेडिंग सुझाव

डायरेक्ट ब्रोकर

डायरेक्ट ब्रोकर

इंडिया का नंबर वन ब्रोकर कौन है?

इसे सुनेंरोकेंस्टॉक ब्रोकर एक विनियमित व्यावसायिक व्यक्ति होता है, जो आम तौर पर ब्रोकरेज फर्म या ब्रोकर-डीलर से जुड़ा होता है, जो बदले में शुल्क या कमीशन के लिए स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से या काउंटर पर रिटेल और संस्थागत ग्राहकों दोनों के लिए स्टॉक और अन्य प्रतिभूतियों को खरीदता है और बेचता है।

दलाल का क्या आशय है?

इसे सुनेंरोकेंदलाल अरबी [संज्ञा पुल्लिंग] 1. व्यापारिक लेन-देन या अन्य सौदों में मध्यस्थता करके लाभ कमाने वाला व्यक्ति ; बिचौलिया ; आढ़ती ; (एजेंट) 2. संभोग के लिए स्त्री-पुरुष का मिलन कराने वाला ; कुटना 3. पारसियों की एक जाति।

इसे सुनेंरोकेंशेयरखान भारत में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के सबसे पुराने सर्वश्रेष्ठ- ब्रोकर में से एक है। हलांकि यह हाल ही में 2200 करोड़ में बीएनपी परिबास को बेच दिया गया है, इसके बाद भी इसके काम करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया है।

सबसे अच्छा स्टॉक ब्रोकर कौन सा है?

  1. 1 शेयर खान :(ShareKhan)
  2. 2 आईसीआईसीआई डायरेक्ट :(ICICI Direct Securities)
  3. 3 मोतीलाल ओसवाल :(Motilal Oswal)
  4. 4 एंजेल ब्रोकिंग :(Angel Broking)
  5. 5 IIFL सिक्योरिटीज :(IIFL Securities)
  6. 6 SBI Cap सिक्योरिटीज :(SBI Cap Securities)
  7. 7 रेलिगेयर ब्रोकिंग :(Religare Broking)
  8. 8 एक्सिस डायरेक्ट :(Axis Direct Securities)

कैसे भारत में शेयर दलाल बनने के लिए?

इसे सुनेंरोकेंअगर आप भी शेयर मार्किट डायरेक्ट ब्रोकर में अपने पैसे को निवेश करना चाहते हो और ढेर सारा पैसा कमाना चाहते है तो आपको एक डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है जोकि एक स्टॉक ब्रोकर के द्बारा की खोले जाते है। और यह दोनों अकाउंट एक ही ब्रोकर खोल देता है।

शेयर मार्केट ब्रोकर कैसे बने?

इसे सुनेंरोकेंअगर आप Share Market में कदम रखना चाहते हैं तो एक Demat Account और एक Trading Account की जरुरत पड़ती है और इन दोनों ही अकाउंट को एक Stock Broker ही खोल सकता है। किसी भी इन्वेस्टर के Buy या Sell के आर्डर को स्टॉक एक्सचेंज तक पहुंचाने का काम स्टॉक ब्रोकर का ही होता है।

दलाल शब्द का क्या अर्थ है?

इसे सुनेंरोकें- 1. व्यापारिक लेन-देन या अन्य सौदों में मध्यस्थता करके लाभ कमाने वाला व्यक्ति; बिचौलिया; आढ़ती; (एजेंट) 2.

शेयर मार्केट का ब्रोकर कैसे बने?

इसे सुनेंरोकेंदोस्तों आप भी स्टॉक ब्रोकर बनना चाहते है तो स्टॉक ब्रोकर बनने के आप कोई भी financial market course कर सकते है। इसके साथ आपके पास commerce, economics, statistics, accountancy या Business Administrator की knowledge भी आपको मदद करेगी। आप इन subjects की graduation या post graduation की degree भी ले सकते है।

ब्रोकिंग हाउस के सब ब्रोकर कैसे बने?

इसे सुनेंरोकेंबुनियादी जानकारी दें शुरुआत में चुने गए ब्रोकिंग फर्म से कॉलबैक (Call back) का अनुरोध करें। फोन पर ही आपके बारे में, पढ़ाई-लिखाई (Education) के बारे में तथा पहले के कामकाज (Job or Profession) के बारे डायरेक्ट ब्रोकर में जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही कुछ बुनियदी सवाल (Basic Questions) भी पूछे जाएंगे।

इंडिया का नंबर वन ब्रोकर कौन है?

इसे सुनेंरोकेंस्टॉक ब्रोकर एक विनियमित व्यावसायिक व्यक्ति होता है, जो आम तौर पर ब्रोकरेज फर्म या ब्रोकर-डीलर से जुड़ा होता है, जो बदले में शुल्क या कमीशन के लिए स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से या काउंटर पर रिटेल और संस्थागत ग्राहकों दोनों के लिए स्टॉक और अन्य प्रतिभूतियों को खरीदता है और बेचता है।

दलाल का क्या आशय है?

इसे सुनेंरोकेंदलाल अरबी [संज्ञा पुल्लिंग] 1. व्यापारिक लेन-देन या अन्य सौदों में मध्यस्थता करके लाभ कमाने वाला व्यक्ति ; बिचौलिया ; आढ़ती ; (एजेंट) 2. संभोग के लिए स्त्री-पुरुष का मिलन कराने वाला ; कुटना 3. पारसियों की एक जाति।

इसे सुनेंरोकेंशेयरखान भारत में ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के सबसे पुराने सर्वश्रेष्ठ- ब्रोकर में से एक है। हलांकि यह हाल ही में 2200 करोड़ में बीएनपी परिबास को बेच दिया गया है, इसके बाद भी इसके काम करने के तरीके में कोई बदलाव नहीं आया है।

सबसे अच्छा स्टॉक ब्रोकर कौन सा है?

  1. 1 शेयर खान :(ShareKhan)
  2. 2 आईसीआईसीआई डायरेक्ट :(ICICI Direct Securities)
  3. 3 मोतीलाल ओसवाल :(Motilal Oswal)
  4. 4 एंजेल ब्रोकिंग :(Angel Broking)
  5. 5 IIFL सिक्योरिटीज :(IIFL Securities)
  6. 6 SBI Cap सिक्योरिटीज :(SBI Cap Securities)
  7. 7 रेलिगेयर ब्रोकिंग :(Religare Broking)
  8. 8 एक्सिस डायरेक्ट :(Axis Direct Securities)

कैसे भारत में शेयर दलाल बनने के लिए?

इसे सुनेंरोकेंअगर आप भी शेयर मार्किट में अपने पैसे को निवेश करना चाहते हो और ढेर सारा पैसा कमाना चाहते है तो आपको एक डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है जोकि एक स्टॉक ब्रोकर के द्बारा की खोले जाते है। और यह दोनों अकाउंट एक ही ब्रोकर खोल देता है।

शेयर मार्केट ब्रोकर कैसे बने?

इसे सुनेंरोकेंअगर आप Share Market में कदम रखना चाहते हैं तो एक Demat Account और एक Trading Account की जरुरत पड़ती है और इन दोनों ही अकाउंट को एक Stock Broker ही खोल सकता है। किसी भी इन्वेस्टर के Buy या Sell के आर्डर को स्टॉक एक्सचेंज तक पहुंचाने का काम स्टॉक ब्रोकर का ही होता है।

दलाल शब्द का क्या अर्थ है?

इसे सुनेंरोकें- 1. व्यापारिक लेन-देन या अन्य सौदों में मध्यस्थता करके लाभ कमाने वाला व्यक्ति; बिचौलिया; आढ़ती; (एजेंट) 2.

शेयर मार्केट का ब्रोकर कैसे बने?

इसे सुनेंरोकेंदोस्तों आप भी स्टॉक ब्रोकर बनना चाहते है तो स्टॉक ब्रोकर बनने के आप कोई भी financial market course कर सकते है। इसके साथ आपके पास commerce, economics, statistics, accountancy या Business Administrator की knowledge भी आपको मदद करेगी। आप इन subjects की graduation या post graduation की degree भी ले सकते है।

ब्रोकिंग हाउस के सब ब्रोकर कैसे बने?

इसे सुनेंरोकेंबुनियादी जानकारी दें शुरुआत में चुने गए ब्रोकिंग फर्म से कॉलबैक (Call back) का अनुरोध करें। फोन पर ही आपके बारे में, पढ़ाई-लिखाई (Education) के बारे में तथा पहले के कामकाज (Job or Profession) के बारे में जानकारी ली जाएगी। इसके साथ ही कुछ बुनियदी सवाल (Basic Questions) भी पूछे जाएंगे।

म्‍यूचुअल फंडों के डायरेक्‍ट प्‍लान में निवेश का क्‍या तरीका है?

​म्‍यूचुअल फंड के डायरेक्‍ट प्‍लान क्‍या हैं?

निवेशकों को म्‍यूचुअल फंड की सभी स्‍कीमें दो वैरियंट में पेश की जाती हैं. इसमें एक है रेगुलर प्‍लान और दूसरा डायरेक्‍ट प्‍लान. रेगुलर प्‍लान में म्‍यूचुअल फंड डिस्‍ट्रीब्‍यूटर को दिया जाने वाला कमीशन या ब्रोकरेज शामिल होता है. वहीं, डायरेक्‍ट प्‍लान में इस तरह की कोई कॉस्‍ट जुड़ी नहीं होती है. ऐसे में यह बेनिफिट निवेशकों को सीधे दिया जाता है. म्‍यूचुअल फंड हाउस निवेशकों को सीधे डायरेक्‍ट प्‍लान की पेशकश करते हैं.सेबी के निर्देश के अनुसार, म्‍यूचुअल फंड कंपनियों ने सात साल पहले से स्‍कीमों के डायरेक्‍ट प्‍लान पेश करने शुरू किए हैं. स्‍कीम के डायरेक्‍ट प्‍लान के मामले में निवेशकों को याद रखना चाहिए कि उन्‍हें अपने आप स्‍कीम का चुनाव करने की जरूरत पड़ती है.

​कैसे निवेश करें?

एक बार जब आप यह तय कर लेते हैं कि किस स्‍कीम में निवेश करना है, फिर यह सवाल आता है कि इसमें कैसे पैसा लगाना है. स्‍कीम में पैसा लगाने के दो तरीके हैं. ऑनलाइन और ऑफलाइन. ऑफलाइन के मामले में आपको इंवेस्‍टमेंट एप्‍लीकेशन फॉर्म भरने की जरूरत पड़ती है.

​ऑनलाइन निवेश का क्‍या तरीका है?

अगर आप फंड हाउस की वेबसाइट या ट्रांजेक्‍शन पोर्टल के जरिये सीधे निवेश के लिए ऑनलाइन रास्‍ते का इस्‍तेमाल करते हैं तो 'डायरेक्‍ट प्‍लान' ऑप्‍शन चुनना होगा. यह ब्रोकर कोड दर्ज करने की जरूरत को डिसेबल कर देगा. अगर निवेशक एडवाइजर की सेवाएं ले रहा है तो एडवाइजर रजिस्‍ट्रेशन नंबर देने की जरूरत होगी.

​ऑफलाइन निवेश का क्‍या तरीका है?

इंवेस्‍टमेंट एप्‍लीकेशन फॉर्म में डिस्‍ट्रीब्‍यूटर/ब्रोकर कोड दिया होता है. फॉर्म भरते समय उस स्‍थान पर 'डायरेक्‍ट' लिखना जरूरी होता है. बाकी का फॉर्म रेगुलर प्‍लान जैसा होता है.

​डायरेक्‍ट प्‍लान में स्विच कैसे करें?

अगर आप अपने निवेश को डायरेक्‍ट प्‍लान में ले जाना चाहते हैं तो आपको स्विच रिक्‍वेस्‍ट डालनी होगी. इस प्रक्रिया में रेगुलर प्‍लान से पैसा निकालकर डायरेक्‍ट प्‍लान में निवेश किया जाता है. इस तरह के रिडेम्‍पशन में एग्जिट लोड और कैपिटल गेन टैक्‍स, जो लागू हों, देने पड़ते हैं.

​इन बातों का रखें ध्‍यान

-कोई कमीशन शामिल न होने के कारण रेगुलर प्‍लान की अपेक्षा डायरेक्‍ट प्‍लान की एनएवी ज्‍यादा होती है. यही कारण है कि डायरेक्‍ट प्‍लान का एक्‍सपेंस रेशियो भी कम होता है.
-जबकि ये दो अलग-अलग प्‍लान होते हैं, लेकिन स्‍कीम का पोर्टफोलियो एक जैसा होता है.

क्या हैं म्यूचुअल फंड का डायरेक्ट प्लान, निवेश का तरीका और फायदा जान लीजिये

रेगुलर प्‍लान के तहत म्‍यूचुअल फंड डिस्‍ट्रीब्‍यूटर को मिलने वाला कमीशन या ब्रोकरेज शामिल होता है. वहीं, डायरेक्‍ट प्‍लान में ऐसी कोई लागत जुड़ी नहीं होती है.

By: एबीपी न्यूज़ | Updated at : 14 Dec 2020 डायरेक्ट ब्रोकर 12:41 PM (IST)

म्‍यूचुअल फंड की सभी स्‍कीमों की दो किस्में होती हैं. रेगुलर प्‍लान और डायरेक्‍ट प्‍लान. रेगुलर प्‍लान के तहत म्‍यूचुअल फंड डिस्‍ट्रीब्‍यूटर को मिलने वाला कमीशन या ब्रोकरेज शामिल होता है. वहीं, डायरेक्‍ट प्‍लान में ऐसी कोई लागत जुड़ी नहीं होती है. लिहाजा यह लाभ सीधे निवेशकों को मिल जाता है. म्‍यूचुअल फंड हाउस निवेशकों को सीधे डायरेक्‍ट प्‍लान की पेशकश करते हैं. स्‍कीम के डायरेक्‍ट प्‍लान के मामले में निवेशकों को खुद स्‍कीम का चुनाव करना पड़ता है.

डायरेक्ट प्लान ऑप्शन चुनने का तरीका

आप ऑनलाइन और ऑफलाइन म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं. ऑफलाइन इनवेस्टमेंट में एप्‍लीकेशन फॉर्म भरने की जरूरत पड़ती है.अगर आप फंड हाउस की वेबसाइट या ट्रांजेक्‍शन पोर्टल के जरिये सीधे निवेश के लिए ऑनलाइन तरीका अपनाते हैं तो 'डायरेक्‍ट प्‍लान' ऑप्‍शन चुनना होगा. यह ब्रोकर कोड दर्ज करने की जरूरत को डिजेबल कर देगा. अगर आप एडवाइजर की सेवाएं ले रहे है तो एडवाइजर रजिस्‍ट्रेशन नंबर देने की जरूरत होगी. इंनवेस्‍टमेंट एप्‍लीकेशन फॉर्म में डिस्‍ट्रीब्‍यूटर या ब्रोकर कोड दिया होता है. फॉर्म भरते समय उस स्‍थान पर 'डायरेक्‍ट' लिखना जरूरी होता है. बाकी का फॉर्म रेगुलर प्‍लान जैसा होता है.

डायरेक्‍ट प्‍लान का एनएवी ज्‍यादा

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अगर निवेश को डायरेक्‍ट प्‍लान में ले जाना चाहते हैं तो आपको स्विच रिक्‍वेस्‍ट डालनी होगी. इस प्रक्रिया में रेगुलर प्‍लान से पैसा निकालकर डायरेक्‍ट प्‍लान में निवेश किया जाता है. इस तरह के रिडेम्‍पशन में एग्जिट लोड और कैपिटल गेन टैक्‍स, जो लागू हों, देने पड़ते हैं. कोई कमीशन शामिल न होने के कारण रेगुलर प्‍लान की अपेक्षा डायरेक्‍ट प्‍लान की एनएवी ज्‍यादा होती है. यही वजह है कि डायरेक्‍ट प्‍लान का एक्‍सपेंस रेशियो भी कम होता है.

Published at : 14 Dec 2020 12:41 PM (IST) Tags: Mutual fund Direct Plan Mutual fund Regular Plan Online mutual fund Mutual fund हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

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